उधमपुर में हुए आतंकी हमले के लिए चार पाकिस्तानी फिदाइन की टीम बनाई गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए नावेद और नोमान के साथ जरगाम उर्फ मोहम्मद भाई और अबू ओकाशा भी थे।
हालांकि लश्कर-ए-तोयबा के कश्मीरी हैंडलर्स ने अंतिम वक्त में दोनों को अलग कर दिया। मामले की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने जरगाम और ओकाशा पर दस लाख रुपये इनाम का ऐलान किया है।
दोनों के स्केच जारी किए गए हैं। उधमपुर में पांच अगस्त को बीएसएफ की बस पर हमले के दौरान जिंदा पकड़े गए नावेद का दिल्ली में लाई डिटेक्शन टेस्ट किया गया।