हाल ही में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा दो भारतीय सैनिकों के सिर काटे जाने की घटना को लेकर देशभर में नाराजगी का माहौल है। हालांकि भारतीय सैनिकों के सिर काटे जाने की यह पहली घटना नहीं है। पिछले 13 साल में ऐसी तीन वारदातें हो चुकी हैं। इनमें चार सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं। सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने भी विगत सालों में ऐसी घटनाओं के होने की बात स्वीकार की है।
एक सवाल के जवाब में सेना प्रमुख ने कहा कि हां, पहले भी ऐसी वारदातें हो चुकी हैं। हम इस तथ्य से इंकार नहीं कर सकते हैं। सैन्य मुख्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिर काटे जाने की पहली घटना 2000 में सामने आई थी। इसके बाद 2011 में हुई एक वारदात में दो सैनिकों के साथ अमानवीय कृत्य किया गया था।
इस साल 8 जनवरी को हुई घटना पिछले 13 साल में तीसरी घटना है, जिसमें मेंढर सेक्टर में लांस नायक हेमराज का सिर पाक सैनिक काट ले गए। इस घटना में लांस नायक सुधाकर सिंह की भी हत्या कर दी गई। दोनों शहीद सैनिकों को सम्मानित किए जाने के बारे में पूछे जाने पर जनरल सिंह ने कहा कि निचले स्तर से सिफारिश आने पर सैन्य मुख्यालय अंतिम निर्णय के लिए रक्षा मंत्रालय से आग्रह करेगा।