उत्तर प्रदेश के बिजनौर और उत्तराखंड के रुड़की में बम विस्फोट समेत कई वारदात को अंजाम देने वाले सिमी के चार सदस्य ओडिशा से पकड़े गए हैं। ओडिशा के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और तेलंगाना पुलिस ने बुधवार को राउरकेला में तीन घंटे चली मुठभेड़ के बाद चारों को गिरफ्तार किया।
ये लोग 2013 में मध्य प्रदेश की खंडवा जेल से फरार हो गए थे और कई राज्यों की पुलिस इन्हें तलाश रही थी। एक सदस्य की मां भी पकड़ी गई है।
गिरफ्तार लोगों की पहचान मोहम्मद एजाजुद्दीन, अमजद खान, जाकिर हुसैन, महबूब गुड्डू और उसकी मां नजमा बी के रूप में हुई है। सभी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं।
ये लोग पिछले दो साल से राउरकेला में फर्जी नाम-पते से रहकर अपने अभियान के लिए डकैती कर धन जुटा रहे थे। इस बीच इन्होंने यूपी और उत्तराखंड के अलावा मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु तथा महाराष्ट्र में अपराध किए।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 14 दिसंबर, 2014 को विस्फोट की एक घटना हुई थी। बताया जा रहा है कि सिमी सदस्य आईईडी बनाने के लिए केमिकल मिला रहे थे। इसी दौरान धमाका हो गया।
यूपी के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) भगवान स्वरूप ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ओडिशा में पकड़े गए चारों सिमी सदस्य बिजनौर मामले में वांछित हैं।
इसी तरह इन लोगों ने उत्तराखंड के रुड़की में छह दिसंबर, 2014 को एक रैली के दौरान बम विस्फोट किया था, जिसमें 12 साल के एक बच्चे की मौत हो गई थी।