आगरा-अलीगढ़ हाईवे स्थित चार पुलिया (नरायच) पर रविवार दोपहर अंधाधुंध रफ्तार से दौड़ रहे बेकाबू ट्रक से कुचलकर चार कावड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इसकी चपेट में आने से एक महिला और पांच कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए।
मारे गए चारों कांवड़िए ट्रक के साथ 300 मीटर तक घिसटते चले गए। इस भीषण हादसे से भड़के लोगों ने ट्रक में तोड़फोड़ कर चालक को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। हाईवे जाम कर ट्रक फूंकने की कोशिश की। एक घंटे बाद पहुंचे थाना प्रभारी से हाथापाई कर डाली। बाद में पुलिस ने लाठी फटकारकर गुस्साई भीड़ को खदेड़ा।
हालात काबू करने के लिए इलाका पुलिस छावनी बना दिया गया। ताजगंज के गांव धांधूपुरा से कांवड़ लेने के लिए 32 लोग गए थे। उनके साथ परिवार के बच्चे और महिलाएं भी थीं। 16 लोग कांवड़ लेकर पैदल चले गए थे। बाकी ट्रैक्टर ट्रॉली से साथ आ रहे थे। इनके साथ ग्वालियर के गांव पूरनपुरा के कांवड़ियों का जत्था भी हो लिया। रविवार दोपहर 1:20 बजे ये लोग टेढ़ी बगिया चौराहा से एक किलोमीटर आगे नरायच पर पहुंचे।
नौ कांवड़िए ट्रक की चपेट में आ गए
तभी अलीगढ़ की ओर से आ रहे ट्रक ने धांधूपुरा निवासी सपना पत्नी किताब सिंह को चपेट में ले लिया। सपना की साड़ी ट्रक के पिछले हिस्से में फंस गई। ट्रक चालक ब्रेक नहीं लगा पाया। अगले ही पल नौ कांवड़िए ट्रक की चपेट में आ गए।
चार तो ट्रक के साथ 300 मीटर तक घिसटते चले गए। इनमें धांधूपुरा निवासी वीरपाल (38), कृष्णा (30), धर्मेंद्र (30) और पूरनपुरा ग्वालियर निवासी संजीव (27) की मौके पर ही मौत हो गई। धांधूपुरा के सुनील और भूपेंद्र, ग्वालियर के रामनिवास, कल्लू गुर्जर, ध्रूव सिंह घायल हो गए। इनके अलावा राजू, नंदू और देवा को मामूली चोट आई है।
उधर, कुछ ही देर में आसपास के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने ट्रक में तोड़फोड़ के बाद आग लगाने का प्रयास किया। ट्रक चालक को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस की चीता मोबाइल ने बमुश्किल चालक को भीड़ से बचाया।
भीड़ ने हाईवे पर जाम लगा दिया
घायलों और तीन मृतकों को लोग ट्रैक्टर ट्रॉली से लेकर एसएन मेडिकल कालेज पहुंचे। उधर, भीड़ ने हाईवे पर जाम लगा दिया था। दोपहर सवा दो बजे सीओ छत्ता वीएस त्यागी और थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो लोगों से झड़प हो गई। पुलिस ने लाठी फटकारकर जाम खुलवा दिया। तकरीबन डेढ़ घंटे तक हाईवे पर जाम लगा रहा।
पुलिस ने तीन शवों को एसएन अस्पताल भेज दिया, लेकिन धर्मेंद्र के शव को घरवालों ने नहीं उठने दिया। बवाल बढ़ने पर एडीएम सिटी राजेश श्रीवास्तव, एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। उधर, हादसे में घायल सपना की ऑपरेशन में एक टांग काटनी पड़ी।