कोयला आवंटन घोटाले में पटियाला हाउस अदालत ने इस्पात मंत्रालय के दो अधिकारियों, एक निजी फर्म और उसके निदेशक पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
स्पेशल सीबीआई जज संजीव जैन ने मंत्रालय की संयुक्त संयंत्र समिति के कार्यकारी सचिव गौतम कुमार बसक, प्रबंधक सौमेन चटर्जी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। इन पर औपचारिक तौर पर आरोप तय करने के लिए अदालत ने 3 दिसंबर की तारीख तय की है।
मंत्रालय के अधिकारियों पर छत्तीसगढ़ स्थित फर्म प्रकाश इंडस्ट्रीज (पीआईएल) की उत्पादन क्षमता के संबंध में भ्रामक रिपोर्ट देने का आरोप है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के मद्देनजर यह साफ है कि गौतम कुमार और सौमेन चटर्जी को संयंत्र का व्यक्तिगत तौर पर निरीक्षण करने और भट्टी व उत्पादन क्षमता के बारे में सही रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था।
मगर आरोपियों ने सही रिपोर्ट देने के बजाय प्रकाश इंडस्ट्रीज व एके चतुर्वेदी को फायदा पहुंचाने के लिए भ्रामक रिपोर्ट सरकार को दी। सीबीआई ने अदालत में कहा कि पीआईएल, बसक व चटर्जी ने स्क्रीनिंग कमेटी के सामने फर्म के आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए और फर्जी रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट के मद्देनजर मध्यप्रदेश के उरतन व छत्तीसगढ़ स्थित विजय सेंट्रल के कोल ब्लॉक पीआईएल को आवंटित किए गए थे।