पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय के मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि देश के केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता से किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
ब्याज दरों और आरबीआई से कुछ अधिकार लेने सहित कई अन्य मसले पर केंद्रीय बैंक और वित्त मंत्रालय के बीच मतभेदों की आ रही रिपोर्टों के बीच पूर्व वित्त मंत्री और आरबीआई के पूर्व गवर्नर सिंह ने यह बात कही। 16 सितंबर 1982 से 14 जनवरी 1985 तक आरबीआई के गवर्नर रहे सिंह ने कहा कि वह चाहेंगे कि दोनों संस्थाएं मिलकर काम करें।
वर्ष 1991 से 1996 तक वित्त रहे सिंह ने कहा कि उन्होंने आरबीआई में काम किया है और उनको केंद्रीय बैंक के महत्व के बारे में पता है। इसकी स्वायत्तता बरकरार रखी जानी चाहिए। एक सम्मान समारोह ने उन्होंने आगे कहा कि वह मित्र मंत्री भी रह चुके हैं।
उनके पास दोनों संस्थाओं में काम करने का अनुभव है और वह दोनों संस्थाओं को मिलकर काम करते हुए देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली खुद कह चुके हैं कि रिजर्व बैंक एक महान संस्था है और इन दोनों संस्थाओं के बीच कोई अलगाव नहीं हो सकता।