लीक से हटकर मानवीय पहलुओं को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले करने वाले पूर्व जस्टिस वीआर कृष्णा अय्यर का बृहस्पतिवार तड़के निधन हो गया। वामपंथी विचारधारा वाले जस्टिस अय्यर आपातकाल के दौरान चर्चित हुए थे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोकसभा चुनावों में इंदिरा गांधी की भारी जीत को अस्वीकार कर दिया था और जस्टिस अय्यर ने इस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके अगले दिन देश में इमरजेंसी लागू हो गई थी।
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एएस आनंद ने उन्हें भारतीय न्यायपालिका का ‘भीष्म पितामह’ भी करार दिया था। वैद्यनाथनपुरा राम कृष्णा अय्यर ने निष्पक्ष फैसलों की वजह से काफी लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने दलितों व आम लोगों के पक्ष में काफी काम किया।
जज के रूप में जमानत की फिर से व्याख्या करने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। वह पिछले महीने 13 नवंबर को ही 100 साल के हुए थे। गत 24 नवंबर को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।