पूर्व रक्षा मंत्री कृष्ण चंद्र पंत का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। इंदिरा और राजीव गांधी की सरकारों में केंद्रीय मंत्री रह चुके पंत 1998 में कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। वाजपेयी सरकार के दौरान 2000 से 2004 तक वह योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे। पंत के परिवार में पत्नी इला पंत तथा दो पुत्र रंजन एवं सुनील पंत हैं। इला पंत पूर्व सांसद हैं।
पंत प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के करीबी माने जाने वाले अग्रणी स्वतंत्रता सेनानी और यूपी के प्रथम मुख्यमंत्री गोविन्द वल्लभ पंत के पुत्र थे। सूत्रों के अनुसार दिल्ली के कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया स्थित अपने निवास पर सुबह करीब साढे़ आठ बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनका निधन हो गया। दोपहर में लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर बिना राजकीय सम्मान के उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पंत का परिवार अंत्येष्टि को निजी ही रखना चाहता था। पंत के निधन की सूचना मिलते ही रक्षा मंत्री एके एंटनी अंतिम दर्शन को उनके निवास पर पहुंचे लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर को अंत्येष्टि के लिए ले जाया जा चुका है।
पंत 1987-89 के दौरान ऐसे समय में रक्षा मंत्री रहे जब लिट्टे के विद्रोह से जूझ रहे पड़ोसी देश श्रीलंका में भारतीय शांति सेना की तैनाती की गई। रक्षा मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान ही मालदीव में तख्तापलट के एक प्रयास को विफल करने के लिए शॉर्ट नोटिस पर भारतीय सेना भेजी गई।
पंत ने 1970 के दशक में अलग तेलंगाना आंदोलन के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। मल्की रूल्स के नाम के समझौते में भी उनकी अहम भूमिका रही, जिसमें स्थानीय लोगों को नौकरियों में वरीयता देने की बात थी, जिसके बाद आंदोलन खत्म हो गया।
10 अगस्त 1931 को नैनीताल के निकट मवाली में जन्मे पंत ने शिक्षा पूरी करने के बाद कांग्रेस में शामिल होकर राजनीति में प्रवेश किया। 1962 में पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। वह करीब 26 वर्ष तक सांसद रहे। लोकसभा के अलावा वह राज्यसभा के भी सदस्य रहे। 1967 से वे केंद्र में मंत्री रहे। रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त उन्होंने वित्त इस्पात एवं भारी इंजीनियरिंग, गृह, सिंचाई एवं बिजली, ऊर्जा आदि मंत्रालयों का भी कामकाज संभाला।
अपने शोक संदेश में एंटनी ने यह भी याद दिलाया कि 1987 से 1989 तक रक्षा मंत्री रहे पंत की नौसेना के लिए विमानवाहक पोत आईएनएस विराट तथा वायुसेना के लिए मिग-29 विमान हासिल किए जाने में अहम भूमिका रही।
--1962, 1967, 1971 और 1989 में लोकसभा के लिए चुने गए केसी पंत।
--1978 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए और 1979-80 के दौरान उच्च सदन के नेता रहे।
पंत के निधन का मुझे गहरा दुख है। देश ने एक बेहतरीन नेता और प्रशासक खो दिया है।--प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह