पूर्व केंद्रीय मंत्री और तीन बार सांसद रहे अरुण नेहरू का बृहस्पतिवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।
वह पिछले कई दिनों से गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे और रात 10:47 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह मांसपेशियों से संबंधित बीमारी से पीड़ित थे। इस दौरान उनकी सर्जरी भी हुई थी।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के रिश्ते में भाई लगने वाले 69 वर्षीय नेहरू उनकी सरकार में गृह राज्य मंत्री भी रह चुके थे। परिवार के सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को लोधी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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अरुण नेहरू का जन्म 24 अप्रैल, 1944 को लखनऊ में हुआ था। उनके परिवार में पत्नी सुभद्रा के अलावा दो बेटियां हैं।
कांग्रेस के टिकट पर रायबरेली से दो बार सांसद रह चुके अरुण नेहरू और राजीव गांधी के बीच बोफोर्स मामले को लेकर मतभेद पैदा हो गए थे, जिसके बाद वे जनता दल में शामिल हो गए थे।
जनता दल के टिकट पर ही वे उत्तर प्रदेश के बिल्होर से सांसद रहे। नेहरू को एक अच्छे लेखक के रूप में भी जाना जाता है।
बीते रविवार को सोनिया गांधी और उनके परिवार ने रिश्तों की पुरानी खटास को मिटाने की पूरी कोशिश भी की थी। बीते एक हफ्ते में न सिर्फ सोनिया बल्कि राहुल और प्रियंका कई बार अरुण नेहरू से मिलने अस्पताल पहुंचे थे।