नोएडा भूखंड आवंटन घोटाल में सीबीआई की विशेष अदालत ने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। 1994 में जब यह घोटाला हुआ था नीरा नोएडा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी थीं। इस मामले मे एक अन्य आईएएस अधिकारी राजीव कुमार को भी सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपए को जुर्माना भी लगाया है।
इस मामले में नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने नीरा यादव पर भूखंड आवंटित करने में अनियमितताएं बरतने के आरोप की जांच की थी और रिपार्ट दर्ज की। सीबीआई ने कोर्ट में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थी।
एक चार्जशीट नोएडा प्राधिकरण की पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी व उप्र की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव व एक आईएसएस अधिकारी राजीव कुमार को आरोपी बनाया गया था। राजीव उस समय उप कार्यपालक अधिकारी थे। दूसरे मामले में नीरा यादव पर अपनी पुत्रियों के लिए भूखंड आवंटित करने में अनियमितताएं बरतने का आरोप है।