भाजपा महासचिव राम माधव की अचानक श्रीनगर यात्रा के बाद जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के गठन की संभावना बढ़ गई है। माधव ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से मुलाकात के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को विस्तृत जानकारी दे दी है। भाजपा आलाकमान अफ्स्पा हटाने और दुलहस्ती तथा उड़ी पावर प्रोजेक्टों की वापसी पर पुराने स्टैंड पर कायम है। पार्टी ने पुराने एजेंडे पर ही सरकार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
सरकार गठन पर जारी गतिरोध के बाद पीडीपी की ओर से पहल की गई। पीडीपी ने विश्वास बहाली के नाम पर नई शर्तें नहीं थोपने की बात कहकर बातचीत के लिए माहौल बनाया। इस बीच महबूबा की माधव से फोन पर बातचीत हुई। माधव को 15 फरवरी को श्रीनगर जाना था लेकिन वहां सुरक्षा बलों के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के कारण अशांत माहौल को बातचीत के लिए अनुकूल नहीं समझा गया।
नतीजतन वह दौरा स्थगित हो गया। बाद में बुधवार को माधव अचानक विशेष विमान से श्रीनगर पहुंचकर महबूबा से मिले और सरकार गठन के फार्मूले को अंतिम रूप दिया। सूत्रों के मुताबिक माधव और महबूबा के बीच एक घंटे तक चली बैठक में गठबंधन जारी रखने और जल्द सरकार गठन के मुद्दे पर सहमति बनी।
अध्ययन के बाद ही फैसला लेगी सेन
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा इस बार भाजपा आलाकमान से सीधे संपर्क में हैं। पिछली
बार मुफ्ती मोहम्मद के नेतृत्व में सरकार गठन में पीडीपी की ओर से डॉ.
हसीब द्राबू ने अहम भूमिका निभाई थी। मुफ्ती मोहम्मद के निधन के बाद महबूबा
अब खुद भाजपा आलाकमान से एक-एक मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर
में अफ्स्पा के तहत सेना को विशेष अधिकार मिला हुआ है। गठबंधन एजेंडे में
अफ्स्पा को शांत इलाकों से क्रम वार हटाने की बात कही गई है लेकिन भाजपा ने
साफ कर दिया है कि इस मामले में स्थिति के अध्ययन के बाद सेना ही फैसला
लेगी। पीडीपी पहले भी श्रीनगर और कठुआ से अफ्स्पा हटाने की मांग करती रही
है।
पाकिस्तान से बातचीत और कश्मीर समस्या के समाधान के लिए सभी पक्षों को
बातचीत में शामिल करने के बिंदु गठबंधन एजेंडे में शुमार हैं। इसके तहत
अलगाववादियों से भी बातचीत का मुद्दा उठता रहा है। लिहाजा पीडीपी ने गठबंधन
एजेंडे को एक निश्चित समय सीमा के तहत लागू करने पर जोर दिया है।
पीडीपी और भाजपा गठबंधन को लेकर सकारात्मक
एक महीने से अधिक लंबे गतिरोध के बाद जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भाजपा का गठबंधन फिर से पटरी पर आता दिख रहा है। भाजपा के महासचिव राम माधव ने बृहस्पतिवार को कहा है कि दोनों पक्ष गठबंधन जारी रखने को लेकर सकारात्मक हैं।
महबूबा से बातचीत सकारात्मक रही। गठबंधन उसी एजेंडे पर काम करेगा, जो पिछले साल दोनों पार्टियों के बीच तय हुआ था। इसमें न कुछ कम किया जाएगा और न ही कुछ जोड़ा जाएगा।
हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा न्यूनतम साझा कार्यक्रम के कुछ मुद्दों के मामले में टाइम लाइन को लेकर बात करने की इच्छुक है। पीडीपी और भाजपा नेताओं के बीच सरकार बनाने को लेकर जल्द ही बात होगी।