पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की पुत्रवधू सारा त्रिपाठी की मौत के रहस्य से परदा उठाने में फोरेंसिक एक्सपर्ट्स के भी पसीने छूट गए हैं। मौका मुआयना करके आया पांच विशेषज्ञों का दल सोमवार को छह घंटे तक सिर खपाता रहा, लेकिन मैराथन मीटिंग का कोई नतीजा नहीं निकल पाया।
घटनास्थल से मिले साक्ष्य स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि सारा की मौत सड़क हादसे में हुई या उसकी हत्या की गई? सारा की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में फीरोजाबाद में हाईवे पर हुई थी।
कार में मौजूद उनके पति अमनमणि त्रिपाठी को चोट तक नहीं आई थी। मौका मुआयना करने पहुंची पुलिस भी समझ नहीं पाई थी कि हादसा कैसे हुआ जो सारा की जान चली गई और अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई। इसी के चलते आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों की मदद ली गई।