संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने कहा है कि पूरे विश्व में हर साल इतना भोजन बर्बाद होता है, जितना प्राकृतिक संसाधनों पर बगैर कोई अतिरिक्त दबाव डाले 50 करोड़ लोगों का पेट भरने के लिए काफी हो। एफएओ के महानिदेशक जोस ग्राजियानो डा सिल्वा ने कहा है कि पूरे विश्व में कुल उत्पादित भोजन का एक तिहाई हिस्सा बर्बाद हो जाता है।
इस भयावह आंकड़े को पेश करने के साथ ही उन्होंने कहा कि भूखमरी की समस्या को पूरी तरह से खत्म करने के लिए भोजन के इस बर्बादी पर रोक लगाना अति आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी की ओर से वेबसाइट पर जारी बयान में सिल्वा ने कहा है कि अगर हर साल बर्बाद होने वाले भोजन को बचा लिया जाए तो इससे 50 करोड़ लोगों का पेट भर सकता है। इससे पहले एफएओ की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि औद्योगीकृत देशों में 680 बिलियन अमेरिकी डालर और विकासशील देशों में 310 बिलियन अमेरिकी डालर का भोजन बर्बाद हो जाता है।
सिल्वा ने अपने बयान में सभी ग्लोबल फूड सिस्टम से जुड़े सभी लोगों और संस्थाओं से आह्वान किया है कि वे अपने जीवनकाल में इस समस्या को दूर करने के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने कहा है कि भूखमरी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए यह जरूरी है कि भोजन की बर्बादी पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जाए। एफएओ प्रमुख ने कहा है कि मध्य और उच्च आय वाले देशों में भोजन के अत्यधिक उपभोग की प्रवृति खाद्य पदार्थों की बर्बादी की एक मुख्य कारण है।