सरकार की तमाम योजनाओं और कार्यक्रमों के जरिए लाभार्थियों के बैंक खाते में कैश सब्सिडी सीधे खाते में जमा कराने की योजना में पारदर्शिता लाने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने समन्वय समिति का गठन किया है।
इस योजना को सफल बनाने के लिए समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे। समिति में 11 कैबिनेट मंत्री, 2 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, यूआईडीएआई के चेयरमैन, कैबिनेट सचिव और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव को शामिल किया गया है।
इस समिति का कार्य लाभार्थी के बैंक खाते में नगद पहुंचाने की व्यवस्था में दक्षता, पारदर्शिता लाने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए निर्देश देने का होगा। सीधे नगद हस्तांतरण के लिए व्यापक नीति और उद्देश्यों को तय करना समिति के कार्य का हिस्सा होगा। समिति सरकार के ऐसे कार्यक्रम और योजनाओं की खोज करेगी, जिनमें नगद हस्तांतरण को अपनाया जा सकता है।
इससे जुड़े सभी मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों की गतिविधियों में समन्वय स्थापित करना समिति के कार्य का हिस्सा होगा। समिति यह आश्वस्त भी करेगी कि इस कार्यक्रम का लाभ समय पर लाभार्थी तक पहुंच रहा है या नहीं। कार्यक्रमों की समीक्षा और इसमें सुधार के लिए मार्गदर्शक का काम भी समिति का होगा।
दूसरी ओर नगद हस्तांतरण की योजना को सरल बनाने के लिए कई अन्य समितियां भी बनाई जाएंगी। तकनीकी समिति प्रौद्योगिकी, भुगतान और आईटी के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी। प्रधानमंत्री इस समिति की किसी बैठक में जरूरत के मुताबिक अन्य मंत्री, अधिकारी या विशेषज्ञ को भी आमंत्रित कर सकते हैं।