खाद्य सुरक्षा कानून के जरिए यूपीए सरकार विपक्षी पार्टियों के शासित राज्यों को खास स्थान देने जा रही है।
भाजपा, सपा अथवा टीएमसी शासित राज्यों को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत दिए जाने वाले अनाज के आवंटन में खासा लाभ मिलने वाला है।
केवल गोवा और ओडिशा ही ऐसे अपवाद हैं जिन्हें वर्तमान में मिल रहा अनाज कानून के लागू हो जाने के बाद मिलने वाले अनाज से अधिक है।
हालांकि अधिक अनाज के आवंटन का फायदा पाने वाले राज्यों में कुछ कांग्रेस शासित राज्य भी हैं। लेकिन वो ऐसे राज्य हैं जहां कि विधानसभा चुनाव साल के अंत में होने वाले हैं या फिर अगले साल होना तय है।
खाद्य सुरक्षा कानून के लागू होने पर सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश को होगा। इस राज्य को वर्तमान में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 66.52 लाख टन अनाज मिल रहा है।
जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा लागू होने के बाद जिसमें अंत्योदय अन्न योजना के लोग भी शामिल हैं, के तहत लगभग 96.37 लाख टन अनाज केंद्र से मिल सकेगा।
नए कानून के तहत केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश को लगभग 30.85 लाख टन अधिक अनाज आवंटित करेगी। ऐसा ही हाल बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, झारखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और पंजाब का भी है।