समुद्री रास्तों से हथियार लदे जहाजों की अनियंत्रित आवाजाही देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी ने इस खतरे से आगाह करते हुए 26/11 जैसा हमला दोबारा होने की आशंका जताई है।
गौरतलब है कि समुद्री रास्तों से कई देशों के खतरनाक और संवेदनशील हथियारों की ढुलाई होती है जो किसी खास या सख्त नियमों के अधीन नहीं है।
मंगलवार को नौसेना की सालाना प्रेस कांफ्रेंस में पूछे गए सवाल पर एडमिरल जोशी ने कहा कि ऐसे जहाजों की अनियंत्रित आवाजाही आतंकवादियों के घुसपैठ का आसान जरिया बन सकता है। इसी गफलत में वह 26/11 के मुंबई हमले जैसी वारदात को दोहरा भी सकते हैं।
नौसेना प्रमुख ने कहा कि समुद्री लुटेरों के इलाकों के नजदीक से जहाजों के गुजरने की व्यवस्था में भी बड़े बदलाव की जरूरत है। जोशी के मुताबिक इसी व्यवस्था से उपजे हालात के चलते इतालवी नौ सैनिकों के हाथों भारतीय मछुआरों की मौत हो गई थी।
जोशी ने तमिलनाडु की समुद्री सीमा में पकड़े गए हथियारों से लदे एमबी सीमैन गार्ड ओहिओ नामक अमेरिकी जहाज का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे जहाजों के गार्डों पर भी नियमों का नियंत्रण नहीं है।
जोशी ने सरकार को मिली रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कुछ खास देशों के लोग इन जहाजों पर अस्थायी तौर पर नौकरी करते हैं फिर बाद में निजी हथियारबंद गार्ड बन जाते हैं।
जोशी के मुताबिक व्यापारिक जहाजों तरह हथियारों की ढुलाई करने वाले निजी जहाजों को भी इंटरनेशनल मैरीटाइम आर्गनाइजेशन (आईएमओ) के तहत लाने की सख्त जरूरत है। साथ ही संबंधित देशों को जहाज की पूरी पहचान, उस पर काम करने वाले व्यक्तिओं और मौजूद हथियारों के ब्यौरे को रिकार्ड पर रखना भी समय की मांग हो गई है।