एयर इंडिया के 200 से भी अधिक यात्रियों का क्रिसमस सिर्फ इसलिए अच्छा नहीं रहा, क्योंकि पायलट को अधिक कोहरे में लैंड करने की ट्रेनिंग नहीं मिली थी। बुधवार को कोलकाता से दिल्ली आई एयर इंडिया की फ्लाइट अधिक कोहरे के कारण लैंड नहीं कर पाई और उसे वापस कोलकाता लौटना पड़ा।
अन्य एयरलाइन के जहाज ऐसी स्थिति में ही दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुए और उड़ानें भी भरीं, क्योंकि उन्हें ऐसी स्थिति में लैंड करने की ट्रेनिंग दी गई है। आपको बता दें कि दिल्ली एयरपोर्ट पर कैटेगरी-3 (CAT III) इंस्ट्रुमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) मौजूद है, जो किसी ट्रेनिंग लिए हुए ड्राइवर को जीरो विजिबिलिटी में भी लैंड करने में मदद कर सकता है।
20 मिनट उड़ता रहा आसमान में
बुधवार को एयर इंडिया के प्लेन A1701 का कोलकाता से दिल्ली जाने का समय शाम 5 बजे का था। जब यात्री अपनी फ्लाइट के लिए 3.30-4.00 बजे के बीच वहां पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि कुछ तकनीकी कारणों से फ्लाइट में थोड़ी देर होगी।
इसके बाद एयर इंडिया की ये फ्लाइट वहां से रात के 9 बजे उड़ी। यह प्लेन रात के 11 बजे दिल्ली पहुंचा, लेकिन बहुत अधिक कोहरा होने की वजह से लैंड न करके आसमान में ही उड़ता रहा। करीब 20 मिनट के बाद पायलट ने प्लेन वापस कोलकाता ले जाने का फैसला किया, क्योंकि बहुत अधिक कोहरा होने की वजह से वह लैंड नहीं कर पा रहा था।
2 घंटे की यात्रा में लगे 23 घंटे
इस फ्लाइट ने वापस कोलकाता में रात के 1.15 बजे लैंड किया, लेकिन यात्रियों को लगभग 30 मिनट तक के लिए प्लेन में ही छोड़ दिया और किसी ने भी उनसे आकर बात करने की कोशिश नहीं की।
इसके बाद यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया तो एयर इंडिया के कुछ अधिकारी वहां आए और करीब 3 बजे सभी यात्रियों को 2 होटलों में पहुंचाया गया। वापस दिल्ली के लिए इस प्लेन ने गुरुवार की शाम 4 बजे उड़ान भरी।
इस तरह से एयर इंडिया की जो फ्लाइट बुधवार को 5 बजे उड़ने वाली थी, उसे दोबारा उड़ने में गुरुवार के शाम के 4 बज गए। इस तरह फ्लाइट ने 2 घंटे की दूरी को तय करने में यात्रियों को करीब 23 घंटों का समय लगा दिया।