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मिलिए पांच साल के माइक्रोसॉफ्ट इंजीनियर से

Mon, 17 Nov 2014 12:23 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोवेंट्री में रहने वाला पांच साल का बच्चा दुनिया का सबसे युवा कंप्यूटर स्पेशलिस्ट बन चुका है। अयान कुरैशी नाम के एक बच्चे ने माइक्रोसाफ्ट की तकनीक आधारित परीक्षा को पास कर माइक्रोसाफ्ट सर्टीफाइड प्रोफेशनल का तमगा उस वक्त हासिल कर लिया था जब वो महज पांच साल का था।
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एक आईटी कंसल्टेंट का बेटा अयान अब 6 साल का हो चुका है और उसने इतनी छोटी उम्र में ही अपने घर में एक कंप्यूटर नेटवर्क विकसित कर रखा है। जब अयान से माइक्रोसाफ्ट के इस टेस्ट के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि यह थोड़ा मुश्किल था लेकिन उसे मजा आया। अयान ने कहा कि उसका सपना है कि वो एक दिन यूके में अपना एक टेक हब विकसित करे।

अयान ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट के इस टेस्ट में, मल्टिपल च्वाइस, ड्रैग एंड ड्रॉप, हॉट स्पॉट और सिनारियो बेस्ड सवाल थे। अयान के पिता आसिम ने बताया कि पांच साल के बच्चे को इस टेस्ट की भाषा समझाना सबसे मुश्किल चुनौतियों में से एक था, लेकिन बेहतर याद्दाश्त होने की वजह से उसने सब कुछ जल्दी ही समझ लिया। बच्चे के पिता ने बताया कि उसने अपने बेटे को कंप्यूटर के बारे में उस वक्त बताया था जब वो महज तीन साल का था। उन्होंने बताया, मैं उसे अपने पुराने कंप्यूटर पर खेलने देता था। शायद यही वजह है कि वो हार्ड ड्राइव और मदरबोर्ड जैसे शब्दों से परिचित हो पाया। इतना ही नहीं मैं उसे जो भी जानकारी देता था उसे वो बात पूरी तरह से याद हो जाती थी, शायद यही वजह थी कि मैं उसे ज्यादा से ज्यादा जानकारी देने की कोशिश करता था।
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वैसे आमतौर पर माना जाता है कि छोटी उम्र में कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल घातक होता है, लेकिन वहीं अयान ने इस अवसर का बखूबी फायदा उठाया है। अयान ने इंग्लैंड के कोवैंट्री स्थित अपने घर में खुद की एक कंप्यूटर लैब विकसित कर रखी है जहां से कंप्यूटर उसके खुद के विकसित किए हुए कंप्यूटर नेटवर्क से चलते हैं।

अयान के पिता ने बताया, "मेरा बेटा आपरेटिंग सिस्टम के बारे में सीखने और प्रोग्राम की इंस्टालिंग को सीखने में रोजाना दो घंटे खर्च करता है। जब मैं उसे माइक्रोसाफ्ट का यह टेस्ट दिलाने ले गया था तब वहां के निरीक्षक इसकी कम उम्र को लेकर थोड़ा चिंतित थे। लेकिन जब मैने उन्हें निश्चिंत किया कि वो सब कुछ सहजता से कर लेगा तब निरीक्षकों को तसल्ली हुई। इस टेस्ट को आमतौर पर वो लोग ही देते हैं जो आईटी टेक्नीशियन बनना चाहते हैं।"

गौरतलब है कि अयान का पूरा परिवार साल 2009 में पाकिस्तान से आकर इंग्लैंड में बस गया था। अयान की मां ने बताया, "उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। वो नहीं चाहती हैं कि उनका बेटा हर दिन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएं लेकिन वो ऐसा जरूर चाहती है कि अपने जीवन में जो भी करे वो बेहतर तरीके से करे।"

अयान ने बताया कि उसका सपना है कि वो एक दिन अमेरिका की सिलिकॉन वैली जैसा यूके का एक आईटी हब लांच करे जिसे ई-वैली नाम से जाना जाए। वह अपनी खुद की कंपनी भी खोलना चाहता है।
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