एलओसी पर पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव को लेकर भारत अब सख्त रूख अपना रहा है। पाक विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार की बातचीत की पेशकश पर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि बातचीत से पहले पाकिस्तान को अपनी गलती मानते हुए दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
मनीष तिवारी ने कहा कि बिना कार्रवाई के पाकिस्तान के साथ रिश्तों में सुधार आना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए भारतीय सैनिकों के हत्यारों को सजा देनी चाहिए, इसके बाद ही दोनों देशों में बातचीत का रास्ता खुलेगा।
सूत्रों के मुताबिक सरकार पाक विदेश मंत्री की बातचीत की पेशकश पर गंभीरता से विचार कर रही है। गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि एक दिन पहले तक भारत पर युद्ध भड़काने का आरोप लगा रहीं पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने एकाएक नरम पड़ते हुए बातचीत की पेशकश की है।
अमेरिका के न्यूयार्क में हिना रब्बानी खार ने कहा कि हाल की घटनाएं बहुत दुर्भाग्यपुर्ण हैं। हम इस मामले पर विचार विमर्श के लिए विदेश मंत्री स्तर पर बातचीत के लिए तैयार हैं। ताकि इस मामले का निपटारा किया जा सके और हम फिर से युद्ध-विराम की शर्तों के सम्मान की बात कर सकें। पाकिस्तानी विदेश मंत्री का कहना था कि हालांकि 10 दिनों से जारी नियंत्रण रेखा पर जारी झड़पों ने बहुत सारे सवाल खड़े कर दिए हैं लेकिन विवाद को सुलझाने के लिए पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार है।