सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर अमल करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में विदेशों में जमा काला धन वापस लाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का फैसला किया है।
भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में भी काला धान वापस लाने का मुद्दा शामिल था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को काले धन मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाने का निर्देश दिया था।
पिछले सप्ताह कोर्ट ने जांच दल गठित करने के लिए 29 मई तक की समय सीमा तय कर दी। यह समयसीमा गुरुवार को समाप्त हो जाती।
भाजपा के घोषणापत्र में था काले धन का मामला
नतीजतन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट की पहली बैठक में ही काले धन की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का निर्णय लिया।
वहीं लोकसभा में बहुमत साबित करने तथा नव निर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाने के लिए संसद सत्र बुलाने को लेकर कैबिनेट बुधवार को फैसला करेगी।
साउथ ब्लॉक में मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में दो घंटे तक चली कैबिनेट की पहली बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय कानून व दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नई सरकार का यह पहला फैसला है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी दिया था निर्देश
उन्होंने कहा कि विदेश में जमा काले धन को वापस लाना भाजपा का संकल्प रहा है। यह फैसला कर सरकार अपने वादे पर आगे बढ़ रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए यह फैसला किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देशों के अनुरूप ही एसआईटी के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस एमबी शाह होंगे। रिटायर्ड जज जस्टिस अरिजित पसायत इसके उपाध्यक्ष होंगे।
एमबी शाह होंगे जांच दल के अध्यक्ष
इस उच्चस्तरीय जांच दल में राजस्व विभाग के सचिव व भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। इनके साथ रॉ, आईबी, सीबीआई के निदेशक भी इसके सदस्य होंगे।
सीबीडीटी के चेयरमैन, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और रेवेन्यू इंटेलिजेंस के महानिदेशक, वित्त खुफिया इकाई के निदेशक तथा सीबीडीटी की एफटी और आईआर-एक यूनिट के संयुक्त सचिव भी सदस्य बनाए गए हैं।
चुनावों में जोरशोर से उठा था कालेधन का मुद्दा
एसआईटी के जांच के दायरे में हसन अली समेत विभिन्न मामले भी होंगे। एसआईटी समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट को जानकारी देती रहेगी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने काले धन के मुद्दे पर देशभर में रथयात्रा निकाली थी, जबकि बाबा रामदेव भी इस मुद्दे पर आंदोलन करते रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनावों में काले धन का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। यूपीए-2 सरकान ने काले धन के मामले श्वेत पत्र पेश किया था।
जांच दल के अध्यक्ष एमबी शाह ने कहा है कि काले धन के मामले में कई जटिलताएं हैं, लेकिन मैं प्रयास करूंगा कि इन मामलों का सुलझाया जाए।