2010 में राज्यसभा के चुनाव के दौरान हुए कैश फॉर वोट कांड में केस रजिस्टर करने के बाद सीबीआई ने बृहस्पतिवार को झारखंड के पांच विधायकों के घरों की तलाशी ली।
झारखंड में राज्यसभा की खाली सीटों के लिए हुए चुनाव के तुरंत बाद एक न्यूज चैनल ने विभिन्न पार्टियों के विधायकों को वोट के बदले रुपए लेने के संबंध में एक सीडी की फुटेज दिखाई थी। इसके बाद राज्य के सतर्कता विभाग ने छह विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि यह खोजबीन झारखंड मुक्ति मोर्चा के सिमोन मरांडी, भाजपा के उमाशंकर अकेला व कांग्रेस के राजेश रंजन, योगेंद्र साव और सावना लाकरा के घरों में की गई है। सीबीआई ने मीडिया में खुलासा की गई उन रिपोर्टों के संबंध में एफआईआर दर्ज की है जिनमें छह विधायकों द्वारा धन के बदले एक उम्मीदवार को वोट देने की इच्छा जाहिर करते हुए दिखाया गया था।
इसी साल जनवरी में झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस मामले की जांच करने के लिए कहा था। उसने यह भी देखने को कहा था कि कोई सतर्कता अधिकारी इस मामले की जांच में अड़ंगा तो नहीं लगा रहा है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने इस मामले में यह भी जांचने के लिए कहा कि राज्य के किसी सतर्कता अधिकारी की कोई आपराधिक संलिप्तता तो नहीं है।
हाईकोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह यह जांच करे कि राज्य के सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने साक्ष्यों को खत्म करने या आरोपियों के साथ कोई साठगांठ करने की कोशिश तो नहीं की।