कोयला घोटाले पर सरकार से सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट साझा करने और सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद विपक्ष आक्रामक हो गया है। विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि मनमोहन सरकार आजादी के बाद की सबसे भ्रष्ट सरकार है।
हर सत्र में नया घोटाला उजागर
सुषमा ने कहा कि यह सरकार विकास के बजाय भ्रष्टाचार में लिप्त है। हर सत्र में एक नया घोटाला उजागर होता है। कॉमनवेल्थ गेम्स में 70 हजार करोड़ और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये का चूना सरकारी खजाने को लगा। अब कोयला घोटाले से एक बार फिर सरकार के कामकाज पर सवाल उठा है।
लोकसभा में इस मुद्दे पर भारी हंगामा हुआ। भाजपा के बाद जनता दल (यूनाइटेड) ने भी सदन से वॉकआउट किया।
''क्या कोयला सरकार की जागीर है''
सुषमा ने कहा, ''लोकतंत्र में सत्ता राज करने के लिए होती है। वहीं विपक्ष का दायित्व उन पर निगरानी करना है। सरकार यह जवाब दे कि क्या हम अपने व्यक्तिगत हितों के लिए संसद बाधित कर रहे हैं। क्या कोयला सरकार की जागीर है जो वह किसी को भी आवंटित कर दे? कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट में क्यों बदलाव किया?''
सुषमा ने कहा कि यूपीए सरकार ने हमारा भरोसा तोड़ा है। कोयला घोटाले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद मनमोहन सरकार को एक मिनट भी अपने पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।