मोटी कमाई का सपना दिखाकर लोगों से गाढ़ी कमाई हजम करने वाली कंपनियों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। शारदा चिटफंड के बाद इस कड़ी में नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी फाइन इंडिया सेल्स और रॉयल इंटरनेशनल शेयर्स प्राइवेट लिमिटेड जुड़ गई है।
साल भर में ढाई गुना का ऑफर
फाइन इंडिया सेल्स नेटवर्क कंपनी ने वर्ष 2008 में जमा की गई रकम को साल भर के भीतर ढाई गुना करने का ऑफर दिया था।
कंपनी के निदेशकों नासिर खान, कामरान खुर्शीद, सईद अनवर और दिवाकर सिन्हा ने आम निवेशकों को दिखाया कि वे सूटिंग-शर्टिंग का काम करते हैं।
निदेशकों ने दावा किया कि पैसा इसी कारोबार में लगाकर मुनाफा कमाया जाएगा। इस तरह पूरे देश से साल भर के भीतर लगभग साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये जमा हुए।
मामले की जांच सीबीआई को
ओडिशा में कानपुर की इस कंपनी के विरुद्ध दर्ज मामलों की जानकारी अब सीबीआई को दे दी गई है।
वहां से पांच अधिकारियों की टीम ने सोमवार को यस बैंक, एचडीएफसी एवं आईसीआईसीआई बैंक में कंपनी के खातों की पड़ताल की। सिर्फ कानपुर से कंपनी में लगभग दस करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
एफआईआर दर्ज
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक यूपी के तमाम प्रमुख शहरों से लगभग पचास करोड़ की राशि कंपनी के प्लान में निवेश की गई। जब लोगों का पैसा वापस करने की नौबत आई तो कंपनी ने कारोबार समेट लिया।
इसे लेकर उस वक्त काफी बवाल हुआ। निवेशकों ने एफआईआर दर्ज कराई। इस प्रकरण की जांच उड़ीसा क्राइम ब्रांच ने शुरू की। अब जांच सीबीआई कर रही है।
कंपनी बंद, निवेशक सकते में
इधर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में रॉयल इंटरनेशनल शेयर्स प्राइवेट लिमिटेड लोगों की 71 लाख रुपये लेकर गायब हो गई। कंपनी के अचानक बंद होने और अधिकारियों के फरार होने से निवेशक सकते में हैं।
निवेशकों का आरोप है कि पुलिस भी इस मामले में उसे कोई मदद नहीं कर रही है। यहां तक कि वे जब वे हुगली के चुंचड़ा थाने में मामला दर्ज कराने पहुंचे उन्होंने केस दर्ज करने से ही इनकार कर दिया।