पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के डीएम के दफ्तर में तोड़फोड़ करने के मामले में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी सहित 1200 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को अधीर रंजन की मौजूदगी में डीएम के दफ्तर में तोड़फोड़ की थी। हालांकि अपने रुख पर अड़े चौधरी ने कहा है कि उन्होंने जो किया ठीक किया। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से चौधरी को मंत्री पद से हटाने की मांग कर दी है।
मुर्शिदाबाद के एसपी हुमायूं कबीर ने बताया कि 1200 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसमें अधीर रंजन चौधरी का नाम भी शामिल है, उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि अपने रुख पर कायम चौधरी ने कहा कि वहां ऐसा कुछ नहीं हुआ। मैंने गुस्साए लोगों को शांत करने की कोशिश की थी। पहले भी मैं आरोपों का सामना कर चुका हूं। मैंने कुछ गलत नहीं किया। मैं जेल जाने को भी तैयार हूं।
उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को कांग्रेस के तीन सांसद और अन्य नेता एक ज्ञापन सौंपने जिलाधिकारी राजीव कुमार के पास गए थे। लेकिन उन्हें बताया गया कि डीएम खाना खा रहे हैं और मुलाकात नहीं करेंगे। डीएम प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कैसे कर सकते हैं।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि डीएम मिलने बाहर नहीं आए थे। उन्होंने दावा किया कि तोड़फोड़ करने वालों में कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल नहीं थे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुल्तान अहमद ने घटना की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री से अधीर रंजन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है।
मैंने जो किया सही किया। डीएम प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस की प्रतिष्ठा को चुनौती दी है। यदि मैं मुख्यमंत्री होता तो उन्हें सस्पेंड कर देता।--अधीर रंजन चौधरी, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री