देश में बढ़ रही धार्मिक असहिष्णुता के विरोध में साहित्यकारों के पुरस्कार लौटाने के मुद्दे पर दो बड़ी सख्सियतें आपस में भीड़ गई हैं। इनमें से एक यूपी राजनीति में कद्दावर नेता आजम खान हैं तो दूसरा साहित्य के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मुनव्वर राणा।
दरअसल, मामला यह है यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने हाल ही में साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाकर चर्चा में आए मशहूर शायर मुनव्वर राणा पर हमला बोला है। आजम खान ने नाम लिए बिना मुनव्वर राणा पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें चाटुकार बताया।
उन्होंने कहा चाटुकार किस्म के एक साहब ने तो यहां तक कह दिया कि प्रधानमंत्री बुला लेंगे तो मैं उनका जूता उठा लूंगा। हो सकता है कि वो जूते का तला चाटकर अपने सिर पर भी रख लें।