ओपिनियन पोल ने कांग्रेस को गुस्से में डाल दिया है। उसे पोल से इतनी नाराजगी हो गई है, वह इस पर पाबंदी लगाने की मांग कर रही है।
हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि ओपिनियन पोल में एनडीए पक्ष को बढ़त मिलती दिख रही है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कहा है कि इस पर बैन लगा दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का कहना है कि ओपिनियन पोल एक मजाक की बहस बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की कुल आबादी तीन करोड़ से ज्यादा है, लेकिन केवल 2800 लोगों की राय लेकर चुनावी पोल कर लिया जाता है। यह मजाक नहीं, तो और क्या है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भी पोल के खिलाफ हथियार उठा लिए हैं। अल्वी के मुताबिक ओपिनियल पोल आम लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग को इस पर पाबंदी लगा देनी चाहिए।
हालांकि, भाजपा ने पलटवार करने में जरा वक्त नहीं गंवाया।
पार्टी नेता शाहनवाज हुसैन ने दिग्विजय पर जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ओपिनियन पोल से डर गई है।
उन्होंने कहा, "दरअसल, उसे पता चल गया है कि उसकी हार तय है। हर पोल से यह साबित हो गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में भाजपा की अगुवाई गठबंधन ही जीतेगा।"
भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने भी इस मांग पर कांग्रेस को खूब कोसा। आजाद ने कहा कि मोदी के पक्ष में लहर देखते हुए कांग्रेस बौखला गई है।