टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस में कलह बढ़ रही है। बड़े नेताओं के नाते रिश्तेदारों को टिकट देने या फिर नहीं देने में उलझे पार्टी हाईकमान को दिग्गज नेताओं के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
लिहाजा, नाते रिश्तेदारों को टिकट नहीं देने का मापदंड ध्वस्त होना तय माना जा रहा है।
दिग्विजय सिंह के बेटे के नामांकन पत्र दाखिल करने के बावजूद नाम घोषित होने को लेकर मध्य प्रदेश के नेताओं के बीच की खींचतान सामने आ रही है।
वहीं, राजस्थान में राहुल के करीबी जितेंद्र सिंह अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे हैं। अलवर में कांग्रेस नेता इसका विरोध कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह अपने बेटे के नाम की उम्मीदवारी का ऐलान नहीं करने को लेकर नाराज हैं। वह अपनी नाराजगी हाईकमान के सामने जाहिर भी कर चुके हैं। हालांकि वह मीडिया के सामने कह रहे हैं कि अगर बेटे को पार्टी टिकट नहीं देगी, तो वह नाम वापस ले लेंगे।
कहा जा रहा है कि बेटे को टिकट नहीं मिलने की स्थिति में दिग्गी राजा चुनाव प्रचार से दूरी बनाने की धमकी दे चुके हैं। ऐसे में बेटे को टिकट मिलने की संभावना ज्यादा है।
उधर, दिग्विजय सिंह के शिष्य मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने विवादों के चक्कर में अपने बेटे के नाम को वापस ले लिया है। सांसद प्रेम चंद गुड्डू और सज्जन सिंह वर्मा के बेटे को टिकट मिलना तय माना जा रहा है।