मुंबई से सटे कल्याण से चार युवकों के इराक में जेहादी बनने की खबरों के बीच 15 और लड़कों के आईएसआईएस में शामिल होने की आशंका है।
पुलिस को जांच में पता चला है कि गत 25 मई को मुंबई से इराक गए 250 लोगों में से 19 वापस नहीं लौटे हैं।
आईबी और एटीएस ने मुंबई व आसपास के इलाकों में अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के नेटवर्क पर जांच केंद्रित की है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या मुंबई से जेहादी बनने के लिए कोई जत्था बगदाद रवाना हुआ था।
गृह मंत्रालय जुटा रहा इराक गए लोगों की जानकारी
इस संबंध में महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल का कहना है कि मुंबई व आसपास के इलाके से इराक गए लोगों बारे में केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी गई है। इसके अलावा भी अन्य जानकारी हासिल की जा रही है।
पाटिल ने भिवंडी और मुंब्रा के 15 युवकों के इराक से नहीं लौटने या आईएसआईएस में शामिल होने के सवाल पर यह बात कही।
इस मामले में ठाणे पुलिस या एटीएस के अधिकारी भी पुख्ता जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं लेकिन मीडिया रिपोर्ट में 15 लड़कों के आईएसआईएस में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
बिजनेसमैन पर युवकों को उकसाने का शक
मुंबई से सटे कल्याण बाजारपेट परिसर के चार युवकों (आरिफ माजिद, साहिम तंकी, फहद मकबूल और अमन तांडेल) को आईएसआईएस में शामिल होने के लिए क्या उकसाया गया था?
इसे लेकर आईबी और एटीएस का शक नई मुंबई के एक बिजनेसमैन आदिल डोलारे नामक शख्स पर है। आदिल कल्याण में इस्लामिक गाइडेंस सेंटर में इस्लाम पर लेक्चर भी देता है।
इस्लामिक गाइडेंस सेंटर की ओर से ही राहत टूर एंड ट्रैवल्स के जरिए 37 लोगों का बगदाद टूर आयोजित किया गया था। ग्रुप का अकबर टूअर्स एंड ट्रैवल्स से एयर टिकट बुक कराया गया था।
एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज से यह खुलासा हुआ है कि चारों युवकों ने अलग-अलग काउंटर्स से अपने बोर्डिंग पास लिए थे और उनके पास कोई बैग भी नहीं था।