रिटेल में एफडीआई के सरकार के फैसले पर संसद में सपा तथा तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को कड़ा प्रतिवाद जताते हुए इसे देश के किसान तथा दुकानदारों के हितों के खिलाफ बताया। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि इससे देश में बेरोजगारी बढ़ेगी तथा किसान को भी कोई लाभ नहीं होगा। दूसरी ओर, बसपा ने इस फैसले को कुछ शर्तों के साथ स्वीकार किए जाने की बात कही।
लोकसभा में एफडीआई पर चर्चा में मुलायम सिंह ने कहा कि आप (कांग्रेस) कितनी भी सफाई दें पर यह फैसला देशहित में नहीं है। देश के पांच करोड़ खुदरा व्यापारियों तथा उनके परिवार को इससे नुकसान होगा। साथ ही बेरोजगारी बढ़ेगी।
भी तक किसान आत्महत्या करते थे, लेकिन भविष्य में व्यापारी भी आत्महत्या के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यदि खुदरा व्यापार में कारपोरेट कंपनियों के आने से देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होना है तो अमेरिका में इसका विरोध क्यों हो रहा है। वहां छोटे दुकानदारों को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी इसे टाल देना चाहिए।
उधर, बसपा का एफडीआई के मुद्दे पर गोलमोल रवैया बना रहा। पार्टी सांसद दारा सिंह चौहान ने कहा उनकी पार्टी का मानना है कि रिटेल में एफडीआई से देश को नुकसान होगा। एफडीआई लागू करने के लिए प्रदेश सरकारों को अधिकार दिए जाने की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस शासित राज्यों में इसे लागू किया जाना चाहिए। वहां के परिणाम देखकर बसपा अपना रुख तय करेगी।
चौहान ने एफडीआई पर वोटिंग में बसपा का रुख साफ नहीं किया और कहा कि पार्टी इस पर बुधवार शाम को फैसला लेगी। यूपीए सरकार से नाता तोड़ने वाली तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि अमेरिका के दबाव में एफडीआई लागू किया जा रहा है। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का नाम लेते हुए कहा कि वे वालमार्ट के निदेशक मंडल में रही हैं।