वसंत विहार गैंगरेप के बाद बनाई गई फास्ट ट्रैक अदालतों ने काम करना शुरू कर दिया है। तीस हजारी स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में एक दोषी को दस साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आठ दिनों के भीतर मामले का निपटारा किया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत ने आरोपी अताउर्रहमान को दोषी ठहराते हुए दस साल की कैद और बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला सात जनवरी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में आया था। सदर बाजार थाना पुलिस ने अताउर्रहमान के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वह बाड़ा हिंदू राव में अपने परिवार की फैक्ट्री में काम करता था।
पुलिस के मुताबिक, जून 2011 में अताउर्रहमान फैक्टरी के पास रह रही 16 वर्षीय पीड़िता को बहला-फुसला कर जयपुर ले गया और गेस्ट हाउस में उसे जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया। जांच अधिकारी कुसुम लता की अगुवाई में पुलिस ने कई जगहों पर दबिश देने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को मुक्त करवाया था।
पुलिस ने युवती के बयान पर दुष्कर्म, अपहरण और धमकी देने का मामला दर्ज किया था। पहले इस मामले की सुनवाई किसी दूसरी अदालत में चल रही थी। मालूम हो कि मंगलवार को भी एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी।