यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे बनने वाली टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले किसानों ने महापंचायत के बाद अधिग्रहीत भूमि जोत दी है। इससे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल मच गई। बाद में एसडीएम ने 13 दिसंबर को सीएम से वार्ता कराने का आश्वासन देकर किसानों को मनाया।
इस पर किसानों ने सीएम से वार्ता होने तक जेपी का निर्माण कार्य बंद रखने की मांग रखी, जिसे प्रशासन ने मान लिया। किसानों का कहना है कि 15 तक उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे 16 दिसंबर से खेतों की बुवाई शुरू कर देंगे। गौर हो कि नोएडा के बराबर मुआवजा और टाउनशिप में हिस्सेदारी आदि की मांग को लेकर किसान लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में जिकरपुर के धरना स्थल पर किसानों की महापंचायत हुई। इसमें सामूहिक निर्णय के बाद भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता अनिल तालान, जिलाध्यक्ष विमल तोमर, सुंदर सिंह वालियान, चौ. वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसान ट्रैक्टर लेकर खेत जोतने के लिए पहुंच गए।
किसानों ने जिकरपुर में धर्मवीर का पांच बीघा खेत जोत दिया। भारी मात्रा में पुलिस-पीएसी बल भी किसानों को नहीं रोक सका। इसकी सूचना पर एसडीएम खैर विजय कुमार और सीओ बाले सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को 13 दिसंबर को सीएम से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने मांग रखी कि तब तक जेपी का निर्माण कार्य भी बंद रहेगा। इसको प्रशासन ने मान लिया तब जाकर किसान शांत हुए। शनिवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार टप्पल पहुंचकर किसानों की बात सुनेंगे।