अपनी लगाई फसल को बच्चे की तरह पालने वाले किसान की आंखों के सामने ही जब वह फसल बर्बाद होने लगे तो दिल बैठ जाता है। मुरादाबाद के कुंदरकी क्षेत्र के अहलादपुर गांव में एक किसान ने अपनी बर्बाद हुई गेहूं की फसल को इसलिए जलाया कि, वह बर्बाद हुई फसल को देख नहीं पा रहा था। किसान ने कहा कि आंखों में चुभ रही बर्बाद फसल की कटाई भी महंगी पड़ रही थी, जिसकी वजह से उसे जलाने का कदम उठाना पड़ा।
आंधी-बारिश से हुई गेहूं की फ सल की बर्बादी को लेकर किसान सदमे में है। अबतक क्षेत्र में तीन किसानों की मौत हो चुकी हैं। अहलादपुर गांव किसान आमिर हुसैन ने तो सदमे से उबरने के लिए गेहूं की दो एकड़ में फैली फसल को आग के हवाले कर दिया।
किसान का कहना था कि फसल नुकसान के लिए डीएम और एसडीएम से भी गुहार लगाई थी। ताकि मदद मिल सके। लेकिन, फसल नुकसान के सर्वे में भी तहसील कर्मियों का रवैया भी ठीक नजर नहीं आया, जिसे लेकर परेशानी सामने आ रही थी।