तूफान और बारिश से बर्बाद हुई फसल देखने के बाद सदमे से कपसेठी गांव के किसान गोपाल दुबे (50) की गुरुवार की रात मौत हो गई। उन्होंने साहूकार से सूद पर 60 हजार रुपये कर्ज लेकर चार बीघे में गेहूं की खेती की थी। वे गुरुवार को मौसम साफ होने पर शाम को खेत देखने गए थे।
बारिश से बर्बाद गेहूं के बोझों को देखकर उन्हें गहरा सदमा लगा। कर्ज चुकाने और आठ सदस्यों वाले परिवार के भरण-पोषण की चिंता से परेशान वे घर पहुंचे। फसल बर्बाद होने की बात कहते हुए उन्होंने पत्नी से एक वक्त ही रोटी बनाने की बात कही। इसके कुछ देर बाद रात नौ बजे उनकी सांसों की डोर टूट गई। शुक्रवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया।
चार बीघे की खेती से ही गोपाल दूबे का परिवार चलता था। उनके दो शादीशुदा बेटे सुभाषचंद्र और सुरेशचंद्र प्राइवेट नौकरी करते हैं। दोनों की आय करीब 12 हजार रुपये प्रतिमाह है। बेटी सुषमा की भी शादी हो चुकी है। पत्नी श्याम कुमारी का कहना है कि इस बार पति ने साहूकारों से 60 हजार रुपये कर्ज लेकर खेती की थी।