रेप के आरोपी आसाराम के बेटे नारायण साईं को शरण देने वाला आलोक नगर का जूता कारोबारी परिवार सहित बृहस्पतिवार को लौट आया।
कारोबारी ने बताया कि नारायण साईं ने दाढ़ी और मूंछ ही नहीं साफ करवाई है बल्कि सिर के बाल भी मुंडवा लिए हैं। पहनावे में भी बदलाव किया है।
उन्होंने बताया कि साईं 17 अक्तूबर की रात उनके घर आए और अगले दिन तड़के चले गए। इस दौरान उन्होंने किसी से बात नहीं की। उनके चालक ने सिम की मांग की थी जिसे उपलब्ध कराने में उन्होंने असमर्थता जता दी।
नारायण साईं को शरण देने वाले शाहगंज स्थित ए आलोक नगर निवासी लक्ष्मण के पुत्र किशोर उर्फ सोनू ने अमर उजाला को बताया कि उनके पिता दिल के मरीज हैं। उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी। इसलिए वह रविवार को उपचार के लिए परिवार सहित मथुरा गए थे।
उनके मोबाइल पर लगातार परिचितों के फोन आ रहे थे। इससे मोबाइल को बंद करना पड़ा। बताया कि वह न तो भूमिगत हुए थे और न ही इसकी जरूरत है।
युवती होने से किया इनकार
उन्होंने कहा कि जहां तक नारायण साईं का सवाल है वह आसाराम के बेटे हैं। वह उनके घर आए थे। रात में भोजन किया और फिर सो गए। उनके साथ कुछ और भी लोग थे लेकिन साथ में युवती होने की चर्चा गलत है।
किशोर का तर्क है कि नारायण साईं ने वेश नहीं बदला है, बल्कि आश्रम के समर्पित साधक साल में तीन से चार बार सिर मुड़वाते हैं। नारायण साईं ने भी वही किया है। उन्होंने दाढ़ी मूंछ भी कटवा लिए हैं।
उन्होंने कहा कि धोती-कुर्ता उनका पहनावा है वही उन्होंने पहना था। कपड़ों के रंग में हल्का सा बदलाव जरूर था, लेकिन यह सामान्य बात है। वहीं लक्ष्मण ने कहा कि उन्होंने खुद ही मीडिया को नारायण साईं के उनके घर आने की जानकारी दी थी।