संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को शनिवार सुबह फांसी दिए जाने के बाद उसके घर वालों ने सरकार से अफजल के शव को देने की मांग की। लेकिन केंद्र सरकार ने कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अफजल के शव को तिहाड़ जेल में ही दफन करा दिया है।
फांसी दिए जाने के बाद अफजल गुरु के भाई मुश्ताक अहमद गुरु ने अपने भाई के शव को घरवालों के सुपुर्द करने की मांग की थी। उसने कहा कि गृह मंत्रालय ने फांसी दिए जाने के बारे में उसके परिवार को कोई सूचना नहीं दी थी।
हालांकि केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह का कहना है कि अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के बारे में उसके घरवालों को शुक्रवार को ही सूचित कर दिया गया था।
अफजल गुरु जम्मू-कश्मीर के सोपोर का रहने वाला था इसलिए फांसी की कार्यवाही को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार को पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कडी़ करने का सुझाव दे दिया था। जिसके तहत शनिवार सुबह से ही श्रीनगर समेत कई जगहों पर कर्फ्यू लगा दिया गया है।
जम्मू में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शब्बीर शाह सहित कई अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। केबल, एसएमएस और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है।
50 वर्षीय अफजल गुरु को 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर हुए सशस्त्र हमले के लिए दोषी ठहराया गया था।