गलत इंजेक्शन लगाने से मरीज की मौत के मामले में फंसे एक डॉक्टर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले के निपटारे तक आरोपी डॉक्टर को प्रैक्टिस करने से मना किया है।
प्रवीण भाई भिखा भाई नाम के इस डॉक्टर की डिग्री भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उसके पास बिहार के एक कॉलेज की डिग्री है, जो मान्यताप्राप्त नहीं है। डॉक्टर पिछले सात महीने से जेल में है।
न्यायमूर्ति वी गोपालगौड़ा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने डॉक्टर की जमानत याचिका पर नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।