प्राकृतिक आपदा से घिरे उत्तराखंड में राहत और बचाव कार्य को लेकर विवादों में आई प्रदेश सरकार के बचाव के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर पार्टी कोषाध्यक्ष मोती लाल वोरा और प्रभारी कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी रविवार को राहत आपरेशन की देख-रेख के लिए देहरादून पहुंच रहे हैं।
देवभूमि और राज्य सरकार की विपत्ति में वोरा-सोनी मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की ढाल बनेंगे। जबकि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे पहले ही राहत-बचाव कार्य को लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर चुके हैं।
कांग्रेस महासचिव और संचार विभाग के प्रमुख अजय माकन की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया है कि हाईकमान के आदेश पर उत्तराखंड सरकार राहत आपरेशनों के मसले पर पार्टी और अन्य प्रदेश की पार्टी समितियों के साथ सामंजस्य बनाए हुए है।
वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा और अंबिका सोनी राहत एवं बचाव कार्य के लिए रविवार को उत्तराखंड रवाना होंगे। बचाव और राहत कार्य की धीमी गति को लेकर राज्य सरकार को जनता खरी-खोटी सुना रही है।
बहुगुणा सरकार के राहत आपरेशन का बचाव करते हुए कांग्रेस ने साफ किया है कि सेना, सीमा सड़क संगठन, आईटीबीपी और एयरफोर्स बचाव कार्य कर रही है जिसके संबंध में गृहमंत्री और मुख्यमंत्री की बैठक हो चुकी है।
बद्रीनाथ, गुप्तकाशी, गंगोत्री, धारचूल और हरिद्वार में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को विशेष तौर पर तैनात किया गया है।
इसके अलावा पीसीएस अधिकारियों को भी सहायता के लिए रुद्रप्रयाग, गंगोत्री, हर्षिल, गुप्तकाशी, फाता और धारचूल में लगाया गया है।
पुलिस में 20 वरिष्ठ और मध्यम स्तर के अधिकारियों सहित 2000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। 600 प्रांतीय रक्षक, 800 ग्राम प्रहरी और 500 वन विभाग के कर्मचारियों भी राहत कार्य में लगा दिए गए हैं।
तीर्थयात्रियों को निशुल्क रेलवे टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं और दो अतिरिक्त कोच भी नियमित ट्रेनों में लगाए गए हैं। राज्य सरकार को अतिरिक्त हेलीकॉप्टर भी मुहैया कराए गए हैं।