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काले ताजमहल के नाम पर फर्जी खेल

Sun, 13 Jul 2014 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
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काले ताजमहल का मिथक और किस्से दुनिया को रोमांचित करते हैं। उसी काले ताज के नाम पर महताब बाग में एएसआई के अफसरों ने उत्खनन का ऐसा फर्जी खेल रचा है, जिसकी स्क्रिप्ट और मिलने वाला इतिहास का खजाना पहले से तय है।
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दरअसल, ताज के पीछे महताब बाग में उत्खनन के बाद जिन कुओं को निकालने का दावा एएसआई अफसर कर रहे हैं, वह 14 साल पहले से अस्तित्व में है और 1999 के उत्खनन के दौरान मिट्टी डालकर पाट दिए गए थे।

अब वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड और केंद्रीय संस्कृति मंत्री को दिखाने के लिए दबाए गए कु ओं को निकालने का फर्जीवाड़ा हो रहा है।

बुर्जी के पास पांच कुओं की तस्वीर मौजूद

1996 और 1999 में तत्कालीन अधीक्षण पुरातत्वविद् पीवीएस सेंगर के निर्देशन में महताब बाग का उत्खनन कराया गया था। इसके बाद एएसआई ने महताब बाग की बुर्जी के पास मौजूद पांच कुओं के साथ यह तस्वीर भी खींची थी।

14 साल पहले इन कुओं और बुर्जी से टकराकर यमुना नदी बहती थी, लेकिन बाद में महताब बाग से निकली मिट्टी यमुना में इन कुओं के ऊपर डाल दी गई। यमुना में कई बार आई बाढ़ के बाद बालू से यह 10 से 12 फीट तक दब गए।

सिल्ट हटाने की जगह एएसआई के आला अधिकारियों ने महताब बाग में कुएं निकालने को उत्खनन ही करार दे दिया, जबकि महताब बाग पर लिखी गई कई पुस्तकों में न केवल इन कुओं का जिक्र है, बल्कि इनके फोटो भी हैं।

यमुना के कटान के दौरान दिखते थे कुएं

एएसआई के ही रिटायर्ड हो चुके अधिकारी ने बताया कि महताब बाग की जिस बुर्जी पर उत्खनन का ड्रामा रचा जा रहा है, वहां से पीएसी कैंप तक तीन मीटर परिधि वाले कुएं मौजूद हैं जो दीवार की नींव में हैं। कई साल पहले तक यमुना के कटान के दौरान यह दिखाई देते थे।

डा. अंबेडकर विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर बीडी शुक्ला बताते हैं कि महताब बाग में कुएं प्राचीन हैं। मुगलिया स्मारकों में कुएं वाली नींव ही इसके आर्किटेक्चर की खासियत है। बाग की बुर्जी से लेकर दूसरे कोने तक कुएं ही बने हैं। कुछ साल पहले तक इनसे सटकर पानी बहता था और इन्हें देखा भी है।
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फंड और शाबाशी के लिए रचा खेल

14 जुलाई को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री श्रीपाद नायक आगरा आ रहे हैं।

महताब बाग में चल रहे काम देखने के लिए आ रहे मंत्री को उत्खनन के नाम पर रचे गए इस खेल को दिखाकर एएसआई के अफसर न केवल अपना सर्विस रिकार्ड सुधार रहे हैं, बल्कि वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड से फंड हासिल करने का प्रयास भी कर रहे हैं।

एएसआई के पुराने रिकार्ड में इन कुओं के चित्र और रिपोर्ट मौजूद हैं। यही नहीं, अष्टकोणीय टैंक के नीचे जिस बारादरी के दावे किए जा रहे हैं, उसके बारे में एएसआई के पूर्व अधिकारियों को जानकारी है।
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