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भुजबल के बाद पवार पर शिकंजा कसने की तैयारी में फडणवीस सरकार

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महाराष्ट्र में एनसीपी के कद्दावर नेता छगन भुजबल के बाद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर शिकंजा कसने की तैयारी है। महाराष्ट्र की बीजेपी नीत सरकार ने बुधवार को सिंचाई परियोजना घोटाले की जाँच का आदेश जारी किया है।
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सरकार ने 189 सिंचाई परियोजनाओं में हुई वित्तीय गड़बड़ी के जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित किया है। यह समिति पुणे के मुख्य जल विद्युत अभियंता आरवी पानसे की अध्यक्षता में गठित की गई है। समिति को आगामी 2 महीने में जाँच रिपोर्ट सौपने का आदेश दिया गया है। सरकार के इस निर्णय से एनसीपी के दागी नेताओं में बेचैनी बढ़ गई है।

छगन भुजबल पहले से ही अकूत संपत्ति और नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन घोटाले में  प्रवर्तन निदेशालय की जाँच के घेरे में है। ईडी ने भुजबल के भतीजे समीर भुजबल को गिरफ्तार भी किया है।
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एनसीपी के दूसरे बड़े नेता

सिंचाई घोटाले की जाँच समिति गठित होने के बाद अब पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर शिकंजा कस सकता है। शरद पावर के बाद अजित पवार पार्टी के दुसरे सबसे बड़े नेता हैं।

जाहिर है इससे एनसीपी की मुसीबतें बढ़ सकती है। मन जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे भी सिंचाई मंत्री रह चुके है। ऐसे में मन जा रहा है कि तटकरे पर भी जाँच की आंच आ सकती है। उल्लेखनीय है इस 2007 से 2013 के बीच 189 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। जिसमे से 48 परियोजनाओं के काम ही नहीं हो सका है जबकि रकम ठेकेदारों को पहले ही दे दिए गए है।

इस मामले को लेकर प्रदीप पुरंदरे ने बॉम्बे हाइकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ में एक जनहित याचिका दायर किया था। 18 दिसम्बर 2015 को इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भारी गड़बड़ी का अंदेशा जताते हुए जाँच करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि तीन महीने में राज्य सर्कार इस पर अपनी रिपोर्ट सौपे।
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