सोशल नेटवर्किंग साइट पर गोपनीय जानकारी साझा करने वाले नौसेना के तीन अधिकारियों की बर्खास्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
रक्षा मंत्रालय ने संसदीय समिति से कहा है कि इन अफसरों पर फेसबुक पर गोपनीय दस्तावेज लीक करने का आरोप है।
रक्षा मामलों की स्थायी समिति को मंत्रालय ने यह भी बताया कि सेना में अधिकारियों और सैनिकों के टकराव के तीन मामलों में 219 अधिकारियों, जेसीओ और जवानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर गोपनीय जानकारी साझा करने का मामला सितंबर 2011 में सामने आया था। इसकी जांच एक बोर्ड ऑफ इंक्वायरी ने की थी।
रक्षा मंत्रालय ने स्थायी समिति को बताया कि इसमें चार अधिकारी कसूरवार पाए गए। इनमें से तीन अधिकारियों को सेवा से निकाले जाने की सिफारिश की जा चुकी है और इन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
चौथे अधिकारी को नेवी प्रमुख ने फटकार लगाई है। मंत्रालय ने तीनों सेनाओं में अनुशासनहीनता के मामलों पर भी अपनी रिपोर्ट समिति को सौंपी।
मंत्रालय ने कमेटी को यह भी जानकारी दी कि कमोडोर रैंक के एक अधिकारी को रूसी महिला के साथ संदेहास्पद स्थितियों में पाया गया था और एक सदस्यीय जांच समिति ने उसे दोषी ठहराया था। उसे अप्रैल 2011 में नौकरी से निकाल दिया गया।
हाल ही में नौसेना के कुछ अधिकारियों के खिलाफ पत्नियों की अदला बदली के आरोप भी सामने आए हैं। इसके अलावा एक अधिकारी को महिलाओं को अश्लील संदेश भेजने और एक अन्य को अपने सीनियर की पत्नी के साथ संबंधों के आरोप में नौकरी से हटाया जा चुका है।