मोदी सरकार का पहला बजट मध्य वर्ग के लिए राहत भरा नहीं है। ये कहना है कि चार्टर्ड एकाउंटेंट उमेश गोयल का।
अमर उजाला डॉट कॉम से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सेवाकर मे जो वृद्घि की है, उससे टेलीफोन का बिल महंगा हो जाएगा, होटल, रेस्टोरेंट में खाना महंगा हो जाएगा। अन्य सेवाएं भी महंगी हो जाएगी। हालांकि उत्पाद शुक्ल 6 फीसदी करने के बाद जूते-चप्पल जरूर सस्ते होंगे। फिर भी मिडिल क्लास को राहत नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि मध्यवर्ग के जेब से पैसा हर हाल में निकलेगा ही।
गौरतलब है कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने पहले पूर्ण बजट में सेवाकर को 12.6 फीसदी बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है। हालांकि उन्होंने एक हजार रुपए के ज्यादा के चमड़े के जूते और चप्पलों पर पर उत्पाद शुक्ल घटाकर 6 फीसदी कर दिया है, जिसके बाद इनकी कीमत होने के आसार हैं।
इससे पहले चमड़े के जूते और चप्पलों पर उत्पाद शुल्क 12 फीसदी था।
उमेश गोयल ने बताया कि बजट में केवल यात्रा भत्ता बढ़ाकर ही मध्यवर्ग को राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री ने करों में राहत नहीं दी है, लेकिन पेंशन फंड, 80C और सुकन्या योजना के ब्याज पर कर में छूट दी है, हालांकि यह छूट मध्यवर्ग के जेब में नहीं आएगी, बल्कि वह जमा होगी।
उमेश गोयल ने कहा कि मोदी सरकार के बजट में सीनियर सिटिजन और वेरी सीनियर सिटिजन को मेडिकल के लिए लाभ दिया है।
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