कोयला घोटाले में सीबीआई की जांच पर भड़के पूर्व कोयला सचिव पीसी पारिख अब खुद फंसते नजर आ रहे हैं।
हिंडाल्को कोयला आवंटन में सीबीआई जांच के घेरे में आने के बाद पूर्व कोयला सचिव पारिख ने प्रधानमंत्री पर हमला बोला था। पारिख ने इस मामले में प्रधानमंत्री को भी दोषी बनाने को कहा था।
लेकिन मीडिया में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक खुलासा हुआ है कि पारिख सेवानिवृत्ति के बाद निदेशक के रूप में तीन निजी फर्म से जुड़े थे।
इनमें से दो फर्म कोयला घोटाले के दौरान जांच के दायरे में है।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सीबीआई सूत्रों ने कहा है कि हो सकता है कि पारिख की मदद से ही इन फर्म को कोयले की खदानों का आवंटन हुआ हो।
उन्होंने आगे बताया कि हो सकता है कि पारिख को इसकी पूछताछ के लिए बुलाया जाए।
हालांकि पारिख ने इस आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि फर्म को कोयला मिलने और उनकी नियुक्ति का आपस में कोई लिंक नहीं है।
पूर्व कोयला सचिव पारिख दिसंबर 2005 में सेवानिवृत्त हुए थे और 2007 फरवरी में वे नवभारत पॉवर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े थे।
अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक हैदराबाद बेस फर्म नवभारत पॉवर प्राइवेट लिमिटेड ने फरवरी 2007 में कोयले की खदानों के लिए आवेदन किया था।
सीबीआई ने पिछले साल सितंबर में दायर एफआईआर में नवभारत पॉवर लिमिटेड का नाम लिया।
सीबीआई का आरोप है कि कंपनी ने 35 सदस्यों की स्क्रीनिंग कमेटी में कंपनी के गलत और भ्रामक आंकड़े पेश किए थे।
इसके अलावा कंपनी पर आरोप है कि जनवरी 2008 में आवंटन मिलने के बाद, नवभारत ने अपने सारे शेयर ऐस्सार लिमिटेड को बेच दिए। इसके जरिए कंपनी ने 200 करोड़ का बड़ा मुनाफा कमाया।
इसी के मद्देनजर सीबीआई भविष्य में पूर्व सचिव और उनके कंपनी से जुड़ाव के चलते पूछताछ कर सकती है। नवभारत के अलावा पारिख 2007 में वीसा पॉवर और 2008 में टाटा स्पंज आयरन लिमिटेड से भी जुड़े थे।
इन दोनों कंपनियों को भी आवंटन में खदानें मिलीं थीं।