पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आरके सिंह बिहार से चुनाव लड़ सकते हैं।
राजनाथ सिंह सहित भाजपा के बड़े नेताओं की मौजूदगी में आरके सिंह भाजपा में शामिल हुए। अपने सेवाकाल के दौरान आरके सिंह ने कई बड़े पदों पर हैं।
इस दौरान भागलपुर के सांसद शाहनवाज हुसैन, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, पार्टी के प्रदेश प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और राज्यसभा सांसद राजीव प्रताप रूडी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि 1990 के दशक में रथ यात्रा पर निकले भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी की गिरफ्तारी में आरके सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी।
राम मंदिर आंदोलन के दौरान सिंह बिहार में तैनात थे। 23 अक्तूबर, 1990 को बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने रथ यात्रा पर निकले आडवाणी की समस्तीपुर में गिरफ्तारी का आदेश दे दिया।
इस आदेश को अमल में लाने में आरके सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आडवाणी की गिरफ्तारी से खफा भाजपा ने इसके बाद केंद्र की वीपी सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और सरकार गिर गई थी।
आरा या सुपौल से लड़े सकते हैं लोकसभा चुनाव
बिहार कैडर के 1975 बैच के आईएएस अधिकारी सिंह इस साल 30 जून को केंद्रीय गृह सचिव के पद से सेवानिवृत हुए थे। ऐसा कहा जा रहा है कि सिंह बिहार के आरा अथवा सुपौल से लोकसभा चुनाव लड़े सकते हैं।