महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सीबीआई ने आदर्श सोसायटी घोटाला मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल से अनुमति मांगी है।
सीबीआई सूत्र ने बताया कि जांच एजेंसी ने पिछले दिनों महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकर नारायणन को पत्र लिखकर चव्हाण के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था लेकिन अभी तक उसे कोई जवाब नहीं मिला है।
सूत्रों ने बताया कि अभियोजन एजेंसी ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 197 के तहत पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल की अनुमति मांगी है।
मुंबई से राजभवन के सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है। सूत्रों ने बताया कि अभी सीबीआई के अनुरोध पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। जांच एजेंसी के आग्रह पर राज्यपाल विचार कर रहे हैं।
सीबीआई को इस मामले के दो आरोपी नौकरशाहों जयराम पाठक और प्रदीप व्यास के खिलाफ अभियोग शुरू करने की राज्य सरकार की अनुमति का इंतजार है।
जांच एजेंसी ने चार माह पहले ही इसके लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा था लेकिन अभी तक उसे जवाब का इंतजार है।
आदर्श सोसायटी घोटाला मामले में सीबीआई ने गत वर्ष जो आरोप पत्र दायर किया था उसमें चव्हाण और उक्त नौकरशाहों के अलावा 10 अन्य के नाम शामिल हैं।
चव्हाण पर आरोप है कि वह आदर्श सोसाइटी को रियायत देने की साजिश में शामिल हैं। इस रियायत के बदले उनके सगे संबंधियों को सोसायटी में फ्लैट दिए गए थे।