सरकारी कर्मचारी यदि कामकाज के मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं तो उनके वेतन में होने वाली सालाना बढ़ोतरी नहीं की जानी चाहिए। सातवें वेतन आयोग ने यह सिफारिश सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में की है। साथ ही आयोग चाहता है कि प्रदर्शन का निर्धारण ‘अच्छा’ से बढ़ाकर ‘बहुत अच्छा’ स्तर से करना चाहिए।
वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि सरकार वेतन आयोग की रिपोर्ट का सही परिप्रेक्ष्य में अध्ययन कर रही है। वेतन आयोग ने सिफारिश की है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सभी श्रेणियों के लिए कामकाज संबंधी भुगतान (पीआरपी) की व्यवस्था की शुरुआत की जानी चाहिए।
आयोग के अनुसार ऐसी धारणा है कि वेतन में बढ़ोतरी और पदोन्नति स्वाभाविक रूप से होती है। धारणा यह भी है कि कैरियर में एमएसीपी (मोडिफाइड अस्योर्ड कैरियर प्रोग्रेसन) को बड़े ही सामान्य तरीके से लिया जाता है, जबकि इसका संबंध कर्मचारी के कामकाज से जुड़ा होता है।