गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग के बीच यूरोपीय देशों से मोदी के लिए एक अच्छी खबर आ रही है। गुजरात दंगों के बाद से नाराज यूरोपीय संघ ने अब नरेन्द्र मोदी के समर्थन में खड़ा होने के संकेत दिए है।
अग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार यूरोपीय संघ ने नरेंद्र मोदी का बहिष्कार खत्म करने का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। जर्मन राजदूत माइकल स्टेनर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मोदी का साथ लंच कर ईयू की नाराजगी खत्म होने का संकेत दिया है।
मोदी ने स्टेनर और ईयू से जुड़े देशों के राजदूतों के साथ दो घंटे से भी ज्यादा समय बिताया। इस दौरान उन्होंने गुजरात दंगों से जुड़े प्रश्नों का जवाब दिया। मोदी के सहजता भरे जवाब से वहां मौजूद सभी राजनयिक संतुष्ट दिखे। इस दौरान मोदी ने इन राजनयिकों को अपने विकास मॉडल तथा भारत को लेकर दृष्टिकोण के बारे में भी बताया।
यह 11 साल के बाद उनकी यूरोपीयन प्रतिनिधिमंडल के साथ पहली बैठक थी। इसी बैठक के साथ ही ईयू द्वारा जारी मोदी का बहिष्कार भी खत्म हो गया।
उल्लेखनीय है कि इस बैठक से तीन महीने पहले ही गांधीनगर में ब्रिटिश उच्चायुक्त सर जेम्स बेवन ने नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। यह मुलाकात इस बात का संकेत था कि यूरोपीय संघ ने मोदी का बहिष्कार खत्म कर दिया है।