सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजकर 'एस्सार लीक्स' मामले में जवाब मांगा है। एक जनहित याचिका के जरिए यह मामला उजागर किया गया था कि किस तरह से एस्सार कंपनी अपने कारोबार को फायदा पहुंचाने के लिए राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों और पत्रकारों को इस्तेमाल कर रही है। बदले में वे उनको सुविधाएं मुहैया करवा रहे हैं।
सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (एसपीआईएल) की जनहित याचिका पर तीन न्यायधीशों की पीठ के मुखिया जस्टिस टी एस ठाकुर ने एस्सार समूह और केंद्र सरकार को छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि एस्सार कंपनी में काम करने वाले एक भूतपूर्व कर्मचारी ने इस मामले का खुलासा किया था। इस मामले में एनडीए, यूपीए सरकार के वर्तमान और पूर्व मंत्रियों के खिलाफ सबूत दिए गए हैं। सबूत के तौर पर एस्सार कंपनी के भूतपूर्व कर्मचारी ने कंपनी की इंटरनल कम्युनिकेशन को सबके सामने ला दिया था।