श्रम मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पांच करोड़ से अधिक अंशधारकों को सस्ते मकान उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहा है।
मंत्रालय यह योजना 2022 तक सबके लिए मकान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बना रहा है। श्रम मंत्रालय ने इसके लिए सरकारी बैंकों, आवास वित्त कंपनियों, सरकारी भवन निर्माण कंपनियों जैसे एनबीसीसी और डीडीए, पुडा, हुडा आदि से तय कीमत पर घर बनाने के लिए बातचीत करने की योजना बनाई है।
एक सूत्र ने बताया कि सरकार ईपीएफओ के अंशधारकों खासकर कम आय वर्ग वालों को सस्ते मकान उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। वर्तमान में 70 फीसदी ईपीएफओ अंशधारकों की आय 15 हजार रुपये मासिक से कम है।
हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय ने ईपीएफओ को पत्र भेजकर अंशधारकों के लिए सस्ते मकान को बढ़ावा देने और कोष को इस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने को कहा था।
पत्र के मुताबिक सस्ते मकान के लिए कोष की 15 फीसदी राशि ऋण के रूप में उपलब्ध कराने से 70 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे और इससे 3.5 लाख अतिरिक्त सस्ते मकान बनाए जा सकेंगे।
ईपीएफओ के पास वर्तमान में 6.5 लाख करोड़ रुपये का कोष है और इसमें हर साल करीब 70 हजार करोड़ की वृद्धि होने का अनुमान है। हालांकि, यह योजना ईपीएफओ अंशधारकों के लिए वैकल्पिक होगी और जिनके पास पहले से घर होगा, उन्हें सस्ते मकान नहीं मिलेंगे।