भारतीय नौसेना जल्द ही महिलाओं की भूमिका बढ़ाएगी लेकिन फिलहाल उन्हें जंग लड़ने की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। पिछले हफ्ते भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलट की भर्ती के निर्णय की घोषणा के बाद नौसेना ने यह बात कही है।
नौसेना दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती देगी जिसमें महिलाओं को परमानेंट कमीशन वाले पदों को लेकर फटकार लगाई गई थी।
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने सोमवार को कहा कि केवल उन परिस्थितियों को छोड़ कर, जहां विमान जहाज पर रात भर रहते हैं- जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर, उड़ान के शेष क्षेत्र महिलाओं के लिए खुले रहेंगे। उन्होंने नौसेना के कमांडरों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
परिकर ने कहा कि इस संदर्भ में अगले कुछ दिनों में घोषणा कर दी जाएगी। नौसेना ने रक्षा मंत्रालय को एक प्रस्ताव दिया है कि महिलाओं को समुद्री टोही विमानों के पायलट के तौर पर भर्ती किया जाए।