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नई मुश्किल में सोनिया-राहुल, हवाला की भी होगी जांच

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सत्ता से बेदखल होने के बाद कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। नटवर सिंह की किताब के बाद सोनिया गांधी सवालों से घिरी हुई हैं, वहीं नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की संपत्ति हड़पने के मामले में गांधी परिवार पर कानून का शिकंजा भी कसता जा रहा है।
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प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड केस में हवाला के अरोपों की जांच के लिए आरंभिक केस दर्ज किया है। भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी नेता सोनिया और राहुल के खिलाफ हवाला का आरोप लगाया है। निदेशालय आरोपों की जांच करेगा।

वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत सात नेताओं द्वारा याचिका पर आज सुनवाई कर सकता है। कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेराल्ड केस में अरबों रुपए की संपत्ति को हड़पने के मामले में स्वयं के खिलाफ जारी समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
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हाई कोर्ट में आज होगी सुनवाई

इस मामले में याचिका दायर करने वाले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी पर बदनियती व राजनीति से प्रेरित होकर शिकायत करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेताओ ने य‌ाचिका में समन जारी करने वाली अदालत के अधिकार क्षेत्र का भी मुद्दा उठाया है। इससे पहले बुधवार को सोनिया, राहुल गांधी व अन्य ने अपनी याचिका में कहा कि निचली अदालत यह समझने में असफल रही है कि पूरा मामला क्या है। उन्होंने कहा कि अदालत ने सीआरपीसी के प्रावधानों का उल्लंघन कर यह समन अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किए हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आपराधिक मामलों में तीसरे पक्ष को याचिका दायर करने का अधिकार ही नहीं है। अदालत यह समझने में भी असफल रही है कि यंग इंडिया एक कंपनी है और यह दिवानी मामले की श्रेणी में आता है लेकिन इसे आपराधिक मामले की रूप दे दिया गया।

निचली अदालत ने जारी किया समन

उन्होंने कोर्ट से निचली अदालत द्वारा समन जारी करने संबंधी 26 जून के फैसले के अलावा स्वामी द्वारा दायर शिकायत को रद्द करने का आग्रह किया है।

अहम है कि निचली अदालत ने 26 जून को दिए फैसले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा व ऑस्कर फनार्डिंस समेत सात लोगों के खिलाफ समन जारी कर उन्हें 7 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया था।

अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में कहा था कि इन सभी के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र रचने, धोखाधड़ी, बेईमानी से संपत्ति लेने व अमानत में खयानत के आरोप में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं।

अदालत ने इन सभी के अलावा सुमन दुबे, सैम पित्रोदा व यंग इंडिया कंपनी के खिलाफ भी समन जारी किए थे।
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क्या है मामला

इस मामले में याची सुब्रमण्यम स्वामी ने याचिका दायर की थी।

पूरा मामला नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र को प्रकाशित करने वाली कांग्रेस पार्टी व द एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) और सोनिया-राहुल गांधी व अन्य की यंग इंडिया कंपनी से जुड़ा है।

स्वामी का आरोप है कि सभी आरोपियों ने एजेएल पर 90 करोड़ रुपये के कर्ज को उतारने के नाम पर षड्यंत्र रचा और उसकी पूरी संपत्ति अपनी कंपनी के नाम कर ली।
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